न पगली तुझसे अच्छे तो मेरे दुश्मन हैं,जो हर बात पर कहतें है, तुझे नही छोड़ेंगे।
क्योंकि तन्हाई से अब प्यार सा हो गया है।”
हमे तो अपनी किस्मत पर भरोसा कुछ इस कदर है,
ऐ ज़िन्दगी मुझको थोड़ा सा मुझमें बाकी रहने दे।
रिश्ते वही दूर होते जो दिल के करीब है होते।
हम अकेले रह गए, असहाय हो गए, यही नियति है
आज का शब्द: आनन और हरिवंशराय बच्चन की कविता 'जो बीत गई' काव्य डेस्क
ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं !
एक ख्वाहिश है कि तुमसे अब उम्र भर सामना ना हो..!!!
जिसे हमने अपनी धड़कनों में बसाया,उसने हमें ही गैरों की तरह भुलाया।
बस इतना जानते है बिना तुम्हारे रहा Trending Shayari नहीं जाता!
तेरे आने से मेरी दुनिया रोशन हो गई,जैसे रात के बाद सुबह खिल उठती है।
जिसे चाहा उसी ने रुलाया बहुत,इस दिल ने वफ़ा में दर्द ही कमाया बहुत।
हमारा मुख्य उद्देश्य है एक ऐसा मंच बनाना जहाँ हर पाठक को अपनी भावनाओं से जुड़ी हुई शायरी मिले चाहे वो इश्क़ हो, दर्द हो, खुशियाँ हों या ज़िंदगी की कोई अनकही कहानी।